कहीं आग लगे ..बिजली गिरे ....साला भूकंप आ जाए । जो कह दिया सो कह दिया ...बात मैं करूँगा साफ-साफ । कहा जाता है कि सियासत मे अपना काम बनता,----- मराये जनता। लेकिन आदि काल से सियासत केवल् जनता के लिये होती थी। परन्तु अब सियासत जनता की होगी। जनता अपना फ़ैसला खुद करेगी । मै तो केवल् अपनी बात कहुगा। फ़ैसला भी जनता हि करेगी।।।.
सोमवार, 15 नवंबर 2010
कहीं आग लगे ..बिजली गिरे ....साला भूकंप आ जाए । जो कह दिया सो कह दिया ...बात मैं करूँगा साफ-साफ । चाहे मर जाए किसी का बाप....क्योंकी सियासत में ऐसी बातें ही होती है...
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